Friday, 29 June 2012

Pawan Comics-13-Sukhiram-Dukhiram Aur Akal Badi Ya Bhais


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अक्ल बड़ी या भैंस
ये मुहावरा जब से होश संभाला है तब से सुन रहा हूँ. हम को बचपन से लेकर आज तक भैंस ही बड़ी दिखी है और मुझे तो वो ही बड़ी लगती है.
अक्ल दूध नहीं देती भैंस देती है इसलिए भैंस बड़ी
भैंस ५००० में बिकती है अक्ल को कोई नहीं पूछता,
भैंस वाले वाले आज उत्तर प्रदेश पर शासन कर रहे
और अक्ल वाले तो मख्खी मार रहे है इसलिए भैंस बड़ी.
ऐसे तो कई उदहारण है जो ये साबित करते है की भैंस अक्ल से बहुत बड़ी है. अब बात कुछ पवन कॉमिक्स के प्रसिद्ध चरित्र सुखीराम-दुखीराम की कर लेते है. अपने को ढेर सारी मुशीबत में डाल कर लोगो की मदद करते है और मिलता हमेशा इनको जूता- चप्पल ही है. इस तरह के किरदार मुझे कभी भी नहीं भाए, मोटू-पतलू, भी इसी तरह के किरदार है, लोगो ने इन्हें बहुत पसंद किया, पर मै इन्हें कभी भी पसंद नहीं कर पाया. मुझे हमेशा ये लगता है की यदि आप कोई अच्छा काम करो तो आप के साथ अच्छा ही हो, परन्तु इन पत्रों के साथ हमेशा उल्टा होता है जो मुझे बिलकुल अच्छा नहीं लगता है इसलिए ये न पढना ही मुझे ज्यदा सुबिधाजनक दिखाई देता है. लेकिन ये पात्र सच्चाई का वो पहलु दिखाते है जो हमको दुनिया देती है, सब अपने आगे किसी के बारे में नहीं सोचते है,इसलिए इस तरह के चरित्र असली समाज के दर्शन करवाते है. आप भी असली समाज के दर्शन सुखीराम-दुखीराम के साथ कीजिये, फिर मुलाकात होगी अगले पोस्ट में----

Wednesday, 27 June 2012

MCK(S)-457 Rahasyamay Taboot


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अंसार अख्तर जी
अंसार अख्तर जी ने वैसे हो बहुत कॉमिक्स लिखी और सभी कॉमिक्स ने मुझे पूरा संतोष प्रदान किया.पर फिर भी उनकी जासूसी विषय पर लिखी गयी कॉमिक्स का कोई जबाब नहीं था और न ही आज है. इन्होने मनोज कॉमिक्स में "कर्नल कर्ण"(चित्र -प्रताप मुकुल जी ) विनोद -हामिद (चित्र- जगदीश पंकज जी ),सागर- सलीम (चित्र -हुसैन जमीन जी ) अमर -अकबर (चित्र -चौहाण) और भी कुछ चरित्र की कॉमिक्स लिखी. इन कॉमिक्स की सबसे खाश बात ये रहती थी कि इनके चित्रकार अलग-अलग होते थे और कोशिश की जाती थी की ये ही इन्हें हमेश बनाये जिससे पाठक इन चित्रों को देख कर कॉमिक्स के चरित्र को पहचान सके. कहानिया तो सब की लगभग एक जैसी ही होती थी पर मै आज तक ये क्यों नहीं समझ पाया की ये कहानिया हमेशा अच्छी क्यों लगती थी. ये कॉमिक्स भी उन कॉमिक्स की तरह ही है जिसमे एक सम्भार्न्त नागरिक पर विदेशी जासूस होने का संदेह है और सीधा कर्यवाही संभव नहीं है. इसलिए इस काम को कर्नल साहब को सौपा जाता है और इस काम को वो किस तरह से करते है वही असली मज़ा है ये कॉमिक्स मोहित राघव जी ने स्कैन किया है परन्तु इसके आखरी के दो पन्ने उनके पास नहीं थे इसलिए इस कॉमिक्स के आखरी के पन्ने मैंने स्कैन कर के ये कॉमिक्स पूरी की है उम्मीद ही नहीं पूरा विश्वास है की ये कॉमिक्स आप को जरुर पसंद आएगी.

Tuesday, 26 June 2012

Hamara Comics Guldasta 03


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हमारा कॉमिक्स गुलदस्ता- ०३
ये कॉमिक्स भी बाकी दोनों कॉमिक्स की तरह बेहतर कहानी से लैस है और मुझे इस की तीन छोटी- छोटी कहानियां बहुत ही पसंद आई है. 'दोस्त' पत्रिका की ये सौगात मेरे लिए किसी वरदान से कम नहीं है जिस पत्रिका को मै लेना नहीं चाहता था और लेते समय ये लग रहा था की मै ठग गया, और उसमे इस तरह की चीज़ निकले तो उसका आनंद चार गुना हो जाता है . इस बार इस में टीटू से आप की मुलाकात करवाई जा रही है जो बच्चा थोडा शैतान और तेज़ बुधि का मालिक है और अपनी परेशानियों को किस मजेदार तरीके से ख़त्म करता है वो ही इसकी कहानियों का आधार है पढ़े और इसकी मजेदार हरकतों का आनंद उठाये

SET NO. 62



MCK(S)-241 क्रुक बोंड और मेरा जूता तेरा सर
http://www.mediafire.com/download.php?8d6nqy3yc3xpxcb
MCK(S)-242 हवलदार गैंडा राम और अनोखा मदारी
http://www.mediafire.com/download.php?jw6iye4uz9rugc7
MCK(S)-243 बौने का अंत
http://www.mediafire.com/download.php?n8hn7aex58o3u9u
MCK(S)-244 गोली रंग लाएगी
http://www.mediafire.com/download.php?t5438e4w03tssc4
MCK(S)-245 खून के छींटे
http://www.mediafire.com/download.php?1nd40dpa4gsldnw
MCK(S)-246 मत रो माँ
http://www.mediafire.com/download.php?kd8t5o68b02r0w8
MCK(S)-247 कफ़न की चोरी
http://www.mediafire.com/download.php?ev27oocdol3m7j6
MCK(S)-248 क्रुक बोंड और कांपती धरती के लोग
http://www.mediafire.com/download.php?860od3k9nsiap1q
MCK(S)-249 कुम्हार का खजाना
http://www.mediafire.com/download.php?6oxr7mntam3dzdn
MCK(S)-250 विनाशदूत अंगुठेलाल
http://www.mediafire.com/download.php?3abjjo5ddfr78sv
MCK(S)-251 तांत्रिक की मौत
http://www.mediafire.com/download.php?bwbxlhxzl8b5ya0
MCK(S)-252 मशीनी लाल अफीमी लाल और ठिंगा जिन्न
http://www.mediafire.com/download.php?ao6e8vnbvee0ggh
MCK(S)-253 चतुर चौधरी और मिस्टर नटवर लाल
http://www.mediafire.com/download.php?sct2topmuj1jzje
MCK(S)-254 नकाबपोश चोर
http://www.mediafire.com/download.php?2wrk2xiqtn5vfht
MCK(S)-255 हैली पुच्छल तारा
http://www.mediafire.com/download.php?lqda5j9goo0d9ot
MCK(S)-256 आफत की पुतली
http://www.mediafire.com/download.php?f2czbpy006911gm

Sunday, 24 June 2012

Guneet Comics-Dhag Aur Dhag


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गुनीत कॉमिक्स-ठग और ठग
गुनीत कॉमिक्स , ये कॉमिक्स तो मेरे पास भी १० के अन्दर ही होंगी और पढ़ी तो सिर्फ ये ही कॉमिक्स है, इसलिए इस पब्लिकेसन के बारे में मुझे ज्यादा तो पता नहीं है. पर गुनीत कॉमिक्स छापी कम ही है. पर जो भी हो जो एक मात्र कहानी मैंने पढ़ी , उसको पढने के बाद तो मुझे लगता है की गुनीत कॉमिक्स के कहानियों में कोई कमी तो नहीं हो सकती बस किस्मत इनकी अच्छी नहीं रही होगी.. कहानी तो इतनी शानदार है की बस पढने के बाद आप वाह कह उठेंगे. इतनी बेहतरीन कहानी है की इस कहानी को मै अपनी पढ़ी सारी कहानियों में शुरू के २० के अन्दर तो रखूँगा ही. हम सभी को ठगों के बारे में पढ़कर हमेशा ही मज़ा आता है और ये कॉमिक्स तो उन ठगों के बेहतरीन कारनामो से भरी पड़ी है मुझे ऐसा लगता है की क्योंकि ठग अपने दिमाग की मदद से लोगो को ठगते है इसलिए वो हमेशा हमें अपने कारनामो से जागरूक बनाते है कि कोई हमें किस तरह से ठग सकता है .

Saturday, 23 June 2012

Hamara Comics Guldasta 02


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हमारा कॉमिक्स गुलदस्ता ०२
ये कॉमिक्स जैसा पहले ही बता चूका हूँ की बेहतरीन कॉमिक्स रहती है और ये भी वैसी ही है जैसे की हम उम्मीद कर रहे है. आप खुद सोचिये की अगर आप के हाथ में शेर की पूछ आ जाये तो आप की क्या हालत होगी . सोचिये और सिर्फ सोचिये की आप क्या करेंगे और अगर दिमाग काम न करे तो ये कॉमिक्स डाउनलोड कर के पढ़ लीजिये जबाब मिल जायेगा. कहानी के लिहाज़ से ये कॉमिक्स तो बेहतर है ही साथ में चित्र भी बहुत अच्छे बने है.

Wednesday, 20 June 2012

Nutan Chitrakatha-112-Kanoon Ka Chabuk


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नूतन चित्रकथा -कानून का चाबुक
नूतन कॉमिक्स/चित्रकथा को मैंने ज्यादा नहीं पढ़ा है इसलिए इसके सही स्तर के बारे में कुछ भी कहना मेरे लिए ठीक नहीं होगा. जितना भी नूतन चित्रकथा पढ़ा है वो मुझे कभी में अपनी तरफ खीच नहीं पाया. इनके चित्र और प्रिंटिंग मुझे कभी नहीं भाई. ये हाल मेरा इंद्रजाल कॉमिक्स के साथ भी रहा.इन दो कारणों से इंद्रजाल भी मै न पढता हूँ और न ही उनका संग्रह करता हूँ. लेकिन सभी जानते है की कुछ लोगो के लिए उनके सामने कोई और कॉमिकस का कोई महत्त्व नहीं है वैसा ही नूतन चित्रकथा के साथ भी हो सकता है इसलिए इस चित्रकथा के बारे में अब और कुछ नहीं कहूँगा जहाँ तक इस कॉमिक्स की बात है तो इसकी कहानी मुझे राजेश खन्ना की एक फिल्म "दुश्मन" की याद दिलाती है और कहानी के लिहाज़ से ये कॉमिक्स तो बुरी नहीं है और ये सीख भी देती है. फिर भी पता नहीं क्यों मुझे इस कॉमिक्स को पढने में मज़ा नहीं है. आप भी पढ़ कर देखे उम्मीद है आप को ये कॉमिक्स अच्छी लगेगी.

MC-1112-Ma Ka Karz

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