Download 32MB टिंकल -१०
जैसा की मैंने आप सब से वादा किया था, उसके अनुसार टिंकल -१० ले कर आप सब के बीच हूँ.
जैसा की मैंने आप से टिंकल के बारे में बताया था, की इनकी कहानिया बहुत मजेदार और शिक्षा प्रद होती थी और ये भी उनमे से एक ही है. ये अमर चित्रकथा की पत्रिका थी, जो की आज हिंदी में नहीं छप रही है पर अंग्रेजी में इनका प्रकाशन आज भी जारी है.
हिंदी परिकाओं का आज बुरा हाल है जिसके लिए हम ही जिम्मेदार है.
अब बात इस पत्रिका की कर ली जाये, इसकी पहली कहानी "मुखिया और खडाऊं मित्र" एक बेहतर कहानी है,
फिर एक और रोचक कहानी "घोडा पालतू कैसे बना" इसके अलावा भी कई कहानिया है.
इसमें जो सबसे बड़ा खजाना है वो है प्रदीप शाठे जी द्वारा बनाया गया दरियाई घोड़े पर पूरी जानकारी और दूसरे उनके द्वारा कालू कौआ की शानदार कहानी के साथ उनके चित्र. दरियाई घोड़े पर रोचक जानकारी है जो की बहुत ही अच्छी लगती है आप इन सब बेहतरीन सहयोजन को पढ़े.
फिर मिलते है ..........
जैसा की मैंने आप सब से वादा किया था, उसके अनुसार टिंकल -१० ले कर आप सब के बीच हूँ.
जैसा की मैंने आप से टिंकल के बारे में बताया था, की इनकी कहानिया बहुत मजेदार और शिक्षा प्रद होती थी और ये भी उनमे से एक ही है. ये अमर चित्रकथा की पत्रिका थी, जो की आज हिंदी में नहीं छप रही है पर अंग्रेजी में इनका प्रकाशन आज भी जारी है.
हिंदी परिकाओं का आज बुरा हाल है जिसके लिए हम ही जिम्मेदार है.
अब बात इस पत्रिका की कर ली जाये, इसकी पहली कहानी "मुखिया और खडाऊं मित्र" एक बेहतर कहानी है,
फिर एक और रोचक कहानी "घोडा पालतू कैसे बना" इसके अलावा भी कई कहानिया है.
इसमें जो सबसे बड़ा खजाना है वो है प्रदीप शाठे जी द्वारा बनाया गया दरियाई घोड़े पर पूरी जानकारी और दूसरे उनके द्वारा कालू कौआ की शानदार कहानी के साथ उनके चित्र. दरियाई घोड़े पर रोचक जानकारी है जो की बहुत ही अच्छी लगती है आप इन सब बेहतरीन सहयोजन को पढ़े.
फिर मिलते है ..........













